नई दिल्ली: अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार, 7 मार्च की शाम एक बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर बताया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी विपश्यना (Vipassana) ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए अधिकतम 12 दिनों का विशेष अवकाश ले सकेंगे।
सरकार का मानना है कि लगातार काम के दबाव और व्यस्त दिनचर्या के कारण कर्मचारियों में मानसिक तनाव की समस्या बढ़ने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में ध्यान और साधना से मानसिक शांति मिलेगी और कर्मचारियों की कार्य क्षमता बढ़ेगी।
12 दिनों का ले सकते हैं अवकाश
सरकार की तरफ से जारी आदेश में बताया गया है कि ऐसे अधिकारी या कर्मचारी, जो आयोजित 10 दिवसीय आवासीय विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेना चाहते हैं, उन्हें अधिकतम 12 दिनों के लिए विशेष छुट्टी दी जाएगी। सरकार की तरफ से बताया गया है कि इस तरह का अवकाश एक साल में ज्यादा से ज्यादा 6 बार और हर मौके पर ज्यादा से ज्यादा 12 दिनों का ही मिलेगा।
छुट्टी का कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन
खास बात ये है कि इस तरह के अवकाश को ड्यूटी माना जाएगा और इस अवधि का वेतन भी दिया जाएगा। वहीं कर्मचारियों को शिविर हेतु किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता या अन्य पैसे नहीं देने होंगे। इस तरह के अवकाश अवकाश शासकीय कार्य की सुगमता को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।
अवकाश लेने के लिए कर्मचारी को आवेदन के साथ विपश्यना केंद्र द्वारा जारी प्रवेश पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। वहीं इसके बाद जब शिविर समाप्त होगा। फिर भागीदारी प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। शिविर में रहने की उनकी अवधि को अवकाश माना जाएगा।
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