उमेश पाल अपहरण और हत्याकांड मामले में नया अपडेट सामने आया है। करीब दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर अतीक अहमद के साथ अशरफ को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचाया गया। लगातार काफी दिनों से प्रयागराज में अतीक के गुर्गों के सक्रिय रहने को देखते हुए पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच अतीक को पहुंचाया गया। बता दें कि पुलिस की करीब चार वैन समय- समय पर अंदर ले जाई गई। जिसमें सूत्रों के मुताबिक आखरी वैन में अतीक के मौजूद होने की बात कही जा रही है। लगभग 17 साल पुराने केश में अतीक को आज सजा सुनाई जाने वाली है। सजा सुनाने की कार्यवाही के लगभग 31 दिनों पहले ही उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद अतीक को गुजरात के जेल से रविवार को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया था । जो कि सोमवार की शाम को एसटीएफ के द्वारा सुरक्षित प्रयाग लाया गया। जिसके बाद आज 28 मार्च को अतीक की पेशी अदालत में होनी थी।

उमेश पाल की तहरीर पर धूमनगंज थाने में धारा 147/148/149/364A/323/341/342/504/506/34/120 B and 7 Criminal law Amendment Act के तहत मामला दर्ज हुआ था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट शाश्वत आनंद ने बताया कि अपहरण करने वालों पर ही हत्या का भी आरोप लग गया है। ऐसे में धारा 364A में फांसी की सजा का प्रावधान भी है। चूंकि वादी उमेश पाल की हत्या भी हो चुकी है और हत्या का आरोप भी अपहरण कराने वालों पर ही है। ऐसे में अपराध और गंभीर हो जाता है। उन्होंने बताया, अगर अतीक अहमद उसके भाई अशरफ पर दोष सिद्ध होता है, तो 10 साल की कैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है। इस केस में जीवित रहते उमेश पाल ने अपनी गवाही पूरी कर ली थी। ऐसे में अतीक को गुजरात से जब लाया जा रहा था तो उसे पहले ही डर लग रहा था की कहीं उसकी गाड़ी पलट ना जाए। इसलिए अतीक का काफिला 1300 किलोमीटर के रास्ते को 24 घंटे में पूरा किया। साथ ही भय के कारण अतीक काफीले को बार-बार रुकवा रहा था। काफीला लगभग 8 बार रुका था।
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