नई दिल्ली: सोमवार, 8 जून को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में में इंडी ब्लॉक की सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में केंद्र सरकार को घेरने के लिए विपक्ष की साझा रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस, टीएमसी, सपा सहित 25 पार्टियों के नेता मीटिंग में शामिल हुई। वहीं डीएमके और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन से दूरी बना ली है। दोनों पार्टियों ने कांग्रेस पर धोखा देने के आरोप लगाए हैं।
किन प्रमुख चेहरों ने लिया बैठक में हिस्सा-
बता दें कि बैठक में कांग्रेस के राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव और शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे समेत 25 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के शामिल हुए।
देर तक चले इस बैठक में विपक्ष के नेताओं ने नीट के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान पांच अहम मुद्दों पर सहमति बनी। वहीं एसआईआर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को विपक्ष के नेता द्वारा पत्र लिखे जाने की भी बातें हुईं। बैठक में इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि मानसून सत्र के दौरान गठबंधन के नेता रोज विपक्ष के नेता के कमरे में मीटिंग करेंगे।
गठबंधन भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगा और राज्यों के आगामी चुनावों तथा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए एकजुट मोर्चा के रूप में पेश करने का प्रयास करेगा। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने पर मजबूर किया है। इससे पहले, 'इंडिया' गठबंधन की आधिकारिक बैठक जून, 2024 में हुई थी।
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले कई पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर में उन बयानों का जिक्र है, जो इंडिया गठबंधन में शामिल नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ दिए हैं। इसके साथ ही लिखा गया है कि जिस गठबंधन के नेता आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे। ये पोस्टर बीजेपी की तरफ से लगाए गए हैं।
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