शुक्रवार,7 अप्रैल को श्री दमदमा साहिब की विशेष बैठक में अमृत पाल सिंह कर सकता है आत्म समर्पण। "वारिस पंजाब दे" का प्रमुख अमृतपाल सिंह करीब 3 सप्ताह से भगोड़ा चल रहा है। अभी तक पुलिस उसका कोई सुराग नहीं लग पाई है। हालांकि अब अंदेशा जताया जा रहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार हरप्रीत सिंह की ओर से आज शुक्रवार को तलवंडी साबो के तख्त श्री दमदमा साहिब में बुलाई गई 'विशेष सभा' में वह आत्मसमर्पण कर सकता है। दूसरी तरफ इसी चीज को लेकर पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं। पुलिस की कोशिश है कि वह किस भी धार्मिक स्थल में प्रवेश न कर सके। इतना ही नहीं पुलिस की तरफ से विशेष सर्च ऑपरेशन तक चलाया गया है।

हालांकि पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। इससे पहले अमृतपाल ने एक वीडियो जारी कर जत्थेदार से सरबत खालसा बुलाने की मांग की थी लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने ऐसा न कर सीधे आज शुक्रवार को विशेष सभा बुलाई है। सूत्रों के अनुसार 27 मार्च को जब अमृतपाल सिंह व उसका साथी पपलप्रीत होशियारपुर पहुंचे थे तो उन्होंने एक गुरुद्वारे में शरण ली थी। इस दौरान गुरुद्वारे के एक प्रमुख व्यक्ति ने अमृतसर जाकर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाकात की थी। उसके माध्यम से अमृतपाल सिंह ने सरेंडर करने की बात वहां तक पहुंचाई थी लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया था। हालांकि यह बात साफ हो गई जिस गुरुद्वारे में अमृतपाल रुका था। उसका वहां से पुराना लिंक था। फरवरी के पहले हफ्ते में वह वहां पर हुए समागम में शामिल हुआ था। इस संबंधी उस एरिया में पोस्टर भी लगे हैं। ऐसे में अब एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हैं। इसके अलावा भारत-पाकिस्तान सीमा के क्षेत्रों में विशेष नाके लगाए जा रहे हैं ताकि उसको काबू किया जा सके।

ग्रेवाल ने कहा था कि चूंकि जत्थेदार सिख समुदाय का नेतृत्व करता है, इसलिए वह प्रत्येक निर्णय गहन विचार के साथ लेता है और सिख विद्वानों और बुद्धिजीवियों की राय लेता है। उन्होंने कहा था, ‘‘जत्थेदार देखेंगे कि मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर क्या किया जाना चाहिए, इसमें कोई संदेह नहीं है कि अमृतपाल सिंह के करीबी कई सिखों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है।''
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