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अल-कायदा की : भारत पर शैतानी नज़र

Al-Qaeda's: The devilish eye on India

आतंकवाद का भारत में काफी समय से बोलबाला रहा है। पौराणिक काल में जिस प्रकार राक्षसों, दानवों द्वारा भयावह नरसंहार मचाया गया था। ठीक उसी प्रकार इस वक्त भारत आतंकवाद का दंश झेल रहा है। जिसमें प्रमुख नाम अगर किसी भी संगठन का आता है तो वो है- “अल-कायदा’। एक हालिया UN रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हाल ही में घटित एक घटना ने इस बात का साक्ष्य दिया है कि “अल-कायदा’भारत में अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान में अलकायदा के साजिस के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के एक राजनीतिक जमावड़े के बीच विस्फोट कराया गया। जिसमें करीब 44 लोगों की मौत हुई और लगभग 200 लोग घायल हुए हैं। UN द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा वैचारिक रूप से भारत में बड़े हमले करने के लिए इच्छुक है साथ ही वह अवसरवादी हमलों के लिए सुरक्षा अंतराल तलाश रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी संगठन अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप में जम्मू-कश्मीर, बांग्लादेश और म्यांमार में अपने अभियान का विस्तार करने के लिए क्षेत्रीय सहयोगी संगठन बना रहा है। साथ ही अपने पांव भारत में पसारने की पूरी कोशिश कर रहा है। जिसके लिए अल-कायदा अफगानिस्तान में अपने संगठन की मजबूती के लिए कई अन्य गैर अफगानी आतंकी संगठनों के साथ सांठगांठ बढ़ा रहा है। जिसमें प्रमुख रूप से उज्बेकिस्तान का इस्लामी आंदोलन, ईटीआईएम/टीआईपी (पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक  मूवमेंट/तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी), और जमात अंसारुल्लाह सामिल है।

भारत में मुस्लिम आबादी का अल-कायदा पूरी तरह से फायदा उठाने की फिराक में है। जिसका एक उदाहरण केरल में विगत कई सालों में आईएसआईएस (ISIS)  की बढ़ती गतिविधि है। जिसके मुताबिक भारत के केरल से कई मुस्लिम लड़कों ने सीरिया और अफगानिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठनों को ज्वाइन कर लिया। अब ऐसे में इस सोच को फायदा उठाने के लिए अलकायदा मध्य एशिया से लेकर भारत के आसपास के क्षेत्रों में काफी बड़े पैमाने पर सहयोगी संगठन बना रहा है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि अल-कायदा भारत को विशेष रुप से TARGET करने की कोशिश कर रहा है। अब इस कोशिश का प्रमुख कारण भारत का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने के साथ-साथ धर्मनिरपेक्ष होना है। जो कहीं ना कहीं अल- कायदा के राह का रोड़ा बन रहा है।  यूएन रिपोर्ट के मुताबिक अल-कायदा भारत के पर्यटन क्षेत्रों के साथ कई अन्य विशिष्ट जगहों पर नाजुक तरिके से आक्रमण करने की कोशिश कर रहा है। जिसकी चेतावनी साफ तौर पर भारत को रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2021 के अंत से ही दी जा रही है। जिसको लेकर भारत सरकार का कहना है कि हम इस मुद्दे को काफी गंभीरता के साथ देख रहे हैं साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और भी ज्यादा पुख्ता कर रहे हैं। भारतीय सरकार का अलकायदा को लेकर कहना है कि भारत अन्य देशों के साथ मिलकर अलकायदा पर एक्शन लेने की बात कर  रहा है।

अल-कायदा भारत में कई प्रमुख धार्मिक स्थलों, सरकारी भवनों, आर्थिक क्षेत्रों, यातायात व्यवस्थाओं, के साथ पर्यटन क्षेत्रों पर हमला करने की फिराक में है। अल-कायदा भारत में सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गतिविधि बढ़ाने के साथ नव नियुक्ति और समर्थक भी बढ़ाने को पूरी तरह से देख रहा है। जिसके लिए अल-कायदा सोशल मीडिया को अपना प्रमुख हथियार बनाने को देख रहा है। भारत में 90 के दशक के बाद से कई आतंकी संगठनों के द्वारा समय-समय पर हमला किया गया है। जिसका काफी व्यापक असर भी देश के कई जगहों पर देखने मिला। जिसमें अल-कायदा भी अपनी प्रमुख भागीदारी देता है।

 बता दें कि भारत में वर्ष 2005 से अब तक कई बड़े आतंकी हमले किए गए हैं, जिसमें प्रमुख रुप से-

क्या है अल-कायदा?

अलकायदा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है। इसकी स्थापना आतंकवादी ओसामा बिन लादेन और अब्दुल्ला आजम ने 1988 में की थी। बताया जाता है कि ये संगठन तब बनाया गया था, जब अफगानिस्तान में सोवियत संघ के सैनिक दाखिल हुए थे। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, भारत, रूस और कई देशों ने आतंकवादी समूह करार दिया है।


कितनी संपत्ति और कितने लड़ाके

रिपोर्ट के मुताबिक अल-कायदा के पास 20 हजार से अधिक लड़के हैं और यह संगठन 60-65 देशों में मौजूद है। अलकायदा की संपत्ति की बात करें तो अल-कायदा के पास 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1200 से 1500 करोड़ तक का फंड है। यह संगठन इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंक फैलाने और लड़ाकों को ट्रेनिंग करने पर करता है।

 

सात्विक उपाध्याय
(आलेखों में व्यक्त विचार लेखकों के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)

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