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4 जून के बाद 8500 रुपये खाते में भेजेगी कांग्रेस, अफवाह के बीच बेंगलुरु में पोस्ट ऑफिस में खोले गए 8000 नए खाते

After June 4, Congress will send Rs 8500 to the account, amid rumors, 8000 new accounts were opened in the post office in Bengaluru

नई दिल्ली: बेंगलुरु में डाक घरों के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, इनमें ज्यादातर महिलाएं मुस्लिम हैं। हाल ही में चुनावी प्रचार के दौरान राहुल गांधी द्वारा सभी के खाते में 8500 रुपये माह का दिये जाने के वादे के बाद बेंगलुरु में किसी ने अफवाह उड़ा दी है कि 4 जून के बाद कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अकाउंट में हर महीने 8500 रुपए ट्रांसफर करेगी। इसी अफवाह को सच मानते हुए मुस्लिम महिलाएं डाक घर के जरिए सेविंग अकाउंट खुलवा रही हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं अपने खाते खुलवा रही हैं।

7 दिनों में 8 हजार महिलाओं के खाते खुले

पोस्ट ऑफिस के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 7 दिनों में ही करीब 8 हजार महिलाओं ने आईपीपीबी खाते खोले हैं। बेंगलुरु के जनरल पोस्ट ऑफिस के बाहर महिलाओं की लम्बी-लम्बी लाइन देखने को मिल रही है। बीसियों महिलाएं लाइन में खड़े होकर आईपीपीबी यानी इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खुलवा रही हैं। इसकी वजह सुनकर पोस्ट ऑफिस के अधिकारी भी हैरान रह गए। दरअसल इन महिलाओं को किसी ने कह दिया कि कांग्रेस ने अपने चुनावी मैनिफेस्टो में महलाओ को हर महीने 8500 रुपये देने की जो घोषणा की है, वो पैसे इसी आईएपीपीएबी अकाउंट में जमा किए जाएंगे।

अभी ऐसी कोई भी सूचना नहीं

बेंगलुरु के जनरल पोस्ट ऑफिस के चीफ पोस्ट मास्टर एच एम मंजेश के मुताबिक आईपीपीबी अकाउंट में लगभग सभी डीबीटी योजनाओं के पैसे जमा किए जाते हैं। लेकिन अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं है कि इन अकाउंट्स में 8500 रुपए जमा किए जाएंगे। लेकिन पिछले दस दिनों से अचानक महिलाएं अपना खाता खोलने पहुंच रही हैं। आम तौर पर रोजाना 50 अकाउंट्स खोले जाते थे लेकिन पिछले कुछ दिनों से रोजाना 800 महिलाएं अपना आईपीपीबी खाता खोलने आ रही हैं।

खास काउंटर बनाए गए 

महिलाओं को लग रहा है कि 4 जून से कांग्रेस हर महीने 8500 रुपए ट्रांसफर करेगी। लिहाजा यह सभी महिलाएं जल्द से जल्द अपना खाता खोलने पोस्ट ऑफिस पहुंच रही हैं। हालांकि, पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी उन्हें समझा रहे हैं कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है लेकिन वो फिर भी वे अपना खाता खोलना चाहती हैं। लिहाजा पोस्ट ऑफिस में इसके लिए खास काउंटर बनाए गए हैं।

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