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DUSU चुनाव में ABVP का दबदबा, अध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव का पद जीता

ABVP dominates DUSU elections; wins posts of President, Secretary, and Joint Secretary.

Highlights

  • डूसू चुनाव में एबीवीपी की बड़ी जीत
  • डूसू के तीन पदों पर एबीवीपी का कब्जा
  • अध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव पद जीता

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव मेंABVP ने प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी के पद जीते; निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने वाइस-प्रेसिडेंट का पद जीता। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में  एबीवीपी और एनएसयूआई ( ABVP, NSUI) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि निर्दलीय और समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन के उम्मीदवारों ने भी इस चुनाव में अपना दमखम दिखाया। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने जीत दर्ज की है तो वहीं, सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबरी ने जीत दर्ज की है। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्यराज चौधरी जीते हैं। वहीं, DUSU उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की है।


किस पद पर किसने जीत दर्ज की

अध्यक्ष- यश डबास (एबीवीपी)
उपाध्यक्ष-दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)
सचिव-रिया छाबड़ी (एबीवीपी)
संयुक्त सचिव-लक्ष्यराज सिंह (एबीवीपी)


किसे मिले कितने वोट

अध्यक्ष को कितने वोट

डूसू चुनाव का रिजल्ट

उपाध्यक्ष को कितने वोट

डूसू चुनाव का रिजल्ट
सचिव को कितने वोट

डूसू चुनाव का रिजल्ट

संयुक्त सचिव को कितने वोट

डूसू चुनाव का रिजल्ट

19वें राउंड में अध्यक्ष पद-
यश डबाल (ABVP) - 22434
विजय शंकर मीणा (NSUI) - 21390

19वें राउंड में उपाध्यक्ष पद 
दीपांशु शौकीन (निर्दलीय) - 28873
वीर चतरथ (एनएसयूआई) - 4010
इशू मौर्या (एबीवीपी) - 15346

19वें राउंड में सचिव पद 
रिया छाबरी (एबीवीपी) - 19846
नम्रता चौधरी (एनएसयूआई) - 13963

19वें राउंड में संयुक्त सचिव पद 
लक्ष्यराज चौधरी (एबीवीपी) - 14965
विशेष यादव (एससीएस) - 14836
गोपाल चौधरी (एनएसयूआई) - 14482

शुक्रवार को हुआ था मतदान
मालूम हो कि शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव में आरएसएस समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के बीच मुख्य मुकाबला हुआ। भारतीय राजनीति की नर्सरी कहे जाने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी रहती हैं और इस बार का ये चुनाव इसलिए भी खास रहा, क्योंकि जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद हुआ है, जो GEN-Z के मूड को दर्शाता है। डूसू चुनाव के दौरान सत्य निकेतन में पीजी दुर्घटना का मामला भी सुर्खियों में रहा, जिसमें कई बच्चों की मौत हुई थी।

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