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240 फुट ऊंचे रावण दहन को लेकर तीन दिन पहले अयोध्या में लगा बैन, सुरक्षा को बताया गया प्रमुख कारण

A ban was imposed three days ago in Ayodhya on the burning of a 240-foot-tall Ravana, citing security as the primary reason

नई दिल्ली: 2 अक्टूबर को इस साल दशहरा पड़ रहा है ऐसे में पूरे देश भर में अलग-अलग जगहों पर रावण जलाने की तैयारियां चल रही हैं। इस बीच रावण दहन को लेकर एक खबर उत्तर प्रदेश के अयोध्या से आई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में पुलिस ने सोमवार को सुरक्षा कारणों से 240 फुट ऊंचे रावण और 190 फुट ऊंचे मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अयोध्या में दशहरे के दिन इतनी ऊंचाई वाले पुतलों के दहन पर प्रतिबंध लगा दिया।

1 महीने से चल रहा था पुतलों का निर्माण कार्य 

रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के सबसे ऊंचे पुतलों के दहन का कार्यक्रम अयोध्या की फिल्म कलाकार रामलीला समिति द्वारा आयोजित किया गया था। अयोध्या के राम कथा पार्क में एक महीने से पुतलों का निर्माण कार्य जारी था। अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई गई है और आयोजक रामलीला समिति ने अब तक इसकी अनुमति नहीं ली थी। उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान जब इन पुतलों का निर्माण होता देखा गया तो कार्रवाई की गई।

'तैयार किए गए रावण का दहन ना होना अशुभ'

इस बीच, फिल्म कलाकार रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने 240 फुट के रावण व अन्य पुतलों का निर्माण पूरा कर लिया है, जिनपर दहन से तीन दिन पहले प्रतिबंध लगा दिया गया। ऐसे में हजारों रुपये खर्च से तैयार तीनों पुतले बेकार चले जाएंगे। दशहरा में तैयार किए गए रावण का दहन ना होना अशुभ माना जाता है।

उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी से अयोध्या में कहीं भी 240 फीट के बने रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के दहन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मैं बीजेपी का छोटा कार्यकर्ता हूं और अयोध्या में भव्य राम लीला के मंचन में 7 साल से लगा हूं। 

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