दक्षिण भारत और उसका पारंपरिक भोजन

दक्षिण भारत और उसका पारंपरिक भोजन

कर्नाटक के भोजन में बहुत विविधता पाई जाती है। कर्नाटक में शाकाहारियों की संख्या अन्य दक्षिणी राज्यों से अधिक है, अत: शाकाहारी भोजन यहां व्यापक रूप से लोकप्रिय है। कर्नाटक के खाने को चार भागों में बांटा गया है उत्तरी कर्नाटक, दक्षिणी कर्नाटक, तटवर्ती कर्नाटक , मलनाड इन चारों इलाकों में लोगों की खाने-पीने की आदतें बिल्कुल अलग हैं। यहां मिलने वाला खाना अलग-अलग है लेकिन, यहां जो भी खाने को मिलता है वो बिल्कुल देसी मिलता है। सबसे पहले बात करते हैं उत्तरी कर्नाटक की यहां पर ज्वार और बाजरा प्रधान अनाज हैं। यहां पर ज्वार की रोटी बहुत प्रसिद्ध है। जिसे क्षेत्रिय भाषा में ज्वार का भाकरी कहते हैं। इसे दाल या सब्जियों के साथ खाया जाता है। इसमें मिठास नहीं होती है इसलिए इसे शुगर के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। चावल और ज्वार का भाकरी यहां के लोगों का रोजमर्रा का भोजन है। ये सेहत के नजरिए से भी काफी अच्छा है। साथ ही उडुपी व्यंजन कर्नाटक के व्यंजनों का अभिन्न हिस्सा है। उत्तरी कर्नाटक में ज्वार और बाजरा की रोटियों को बैंगन से बने व्यंजन, ताजे मसूर के सलाद, पकी हुई मसालेदार दाल के साथ खाना पसंद किया जाता है ये यहां के लोगों का बहुत लोकप्रिय भोजन है। ज्वार के आटे में गुड़ मिला कर मीठे पकवान भी बनाए जाते हैं। इनमें चीनी न होने की वजह से ये काफी पौष्टिक होते हैं। उत्तरी कर्नाटक का भोजन दक्षिण में काफी प्रसिद्ध है।

दूसरा है दक्षिणी कर्नाटक क्षेत्र यहां पर रागी लोगों का पसंदीदा भोजन है। यहां खाने में रागी और उबले हुए चावल मुख्य भोजन हैं। दोनों आनाजों को यहां के लोग सब्जी, गोज्जू, पल्या, अचार, तिलि सारू, हूली के साथ खाना पसंद करते हैं। साथ ही यहां के लोग उप सारू को भी चावल के साथ या मुद्दे के साथ खाना पसंद करते हैं। अवरे कल सर्दियों में खाई जाने वाली एक लोकप्रिय सब्जी है। इसे उसली, उपमा, हूली, बेलेसारू आदि के साथ लोग खाना पसंद करते हैं। पारंपरिक भोजन में चावल को बाद में परोसा जाता है जिसमें बीसी बेले भात, चित्रना, हूलियाना शामिल है।

तीसरा आता है तटीय कर्नाटक का भोजन। ये समुद्री क्षेत्र होने के कारण यहां पर भोजन में नारियल और नारियल के तेल से बनी चीजे शामिल होती हैं। यहां का भी मुख्य अनाज चावल है। हर भोजन के साथ शोरबा का प्रयोग जरूर किया जाता है। शोरबा जिसे क्षेत्रिय भाषा में ‘गस्सी’ कहते हैं। ये मुर्गी, मछली, मांस से बनाए जाते हैं और इसे चावल के साथ परोसा जाता है। दालों और सब्जियों को नारियल और मसालों के साथ पकाया जाता है। इसमें सरसों, करी पत्ता, हींग का छौंक लगाया जाता है, जिसे हूली कहते हैं। इसे भी चावल के साथ ही परोसा जाता है। भोजन में सब्जी से बने व्यंजन भी शामिल होते हैं जिसे पल्या कहा जाता है। इसके साथ दही-आधारित तम्ब्ली, मीठा गोज्जू, अचार और हपाला या पापड़ शामिल होते हैं। यहां के कुछ विशिष्ट नाश्ते में बन, बिस्कुट, रोटी, गोली बज्जी और पतरोदे शामिल हैं।

अवलाकी ओग्गराने चावल को कूट कर बनाया गया एक व्यंजन है। जिसे हिंदी में पोहा के नाम से जाना जाता है। ये व्यंजन उत्तीर और दक्षिणी कर्नाटन दोनों जगह प्रसिद्ध है। उत्तरी कर्नाटक में इसे मिर्च भाजी और आलू बोंडा के साथ खाया जाता है।


अवलाकी ओग्गराने (पोहा)


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सामग्री

पिटा हुआ चावल (पोहा), प्याज-2 कटे हुए, आलू-1, हरी मिर्च-स्वादनुसार, धनिया पत्ती, करी पत्ता, मूंगफली।

विधि

पोहे को 5 मिनट के लिए पानी में भिगो कर रख दें फिर पानी से निकाल कर कुछ देर के लिए बाहर रख दें ताकि पानी ठीक से निकल जाए। पैन में तेल गर्म करें। उसके बाद सरसों के बीज को तड़का लें। अब इसमें करी पत्ता, हरी मिर्च, मूंगफली डाल कर कुछ देर तक चलाते रहें। उसके बाद कटे हुए प्याज को सुनहरा होने तक फ्राई करें। अब इसमें कटे हुए आलू, हल्दी,नमक स्वादनुसार डाले।

जब आलू पक जाए और पोहे के साथ ठीक से मिल जाए तो इसके ऊपर से धनिया पत्ती को डाल कर ढक्कन बंद करके 2-3 मिनट तक पकाएं। अपका अवलाकी ओग्गराने तैयार है।

बिसिबेले भात चावल से बनने वाला व्यंजन है। ये राज्य के पारंपरिक भोजन के रूप में जाना जाता है। दक्षिणी कर्नाटक में मुख्य रूप से त्योहारों के मौकों पर इसे बनाने की परंपरा है।


बिसिबेले भात


Bisi Bele Bhaat

सामग्री

चावल-एक कप, तूवर दाल-चौथाई कप, सब्जियां-सेम, आलू, गाजर, मटर, मसाले, उड़द की दाल- दो चम्मच, चने की दाल एक चम्मच, सूखी धनिया- 1 चम्मच, दालचीनी, मरात मोग्गु- 3 से 5, लौंग-3 से 5, इलायची-2, लाल मिर्च स्वादनुसार, पिसा हुआ नारियल- आधा कप।

विधि

चावल, दाल और सारी सब्जियों को एक साथ पका लें। सभी मसालों को एक साथ फ्राई कर लें और फिर उन्हें एक साथ पीस कर पेस्ट तैयार कर लें। इमली की प्यूरी तैयार कर लें। एक पैन में तेल गर्म करके उसमें सरसों, हींग, करी पत्ते और काजू को तड़का लें। अब इसमें इमली की प्यूरी, नमक, पिसे हुए मसाले मिला लें थोड़ा सा पानी मिक्स करें। जब ये उबलने लगे तो इसमें पके हुए चावल, दाल और सब्जियों को मिक्स करें। दो चम्मच घी डाल कर ढक्कन बंद करके 10 मिनट तक पकायें। आपका बिसिबेले भात तैयार है।


बेंगलुरू से एस.ए. हेमंता

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