”हमने भ्रष्टाचार-विहीन विकास को गति दी है’’

”हमने भ्रष्टाचार-विहीन विकास को गति दी है’’

राज्य में पिछली सरकार की भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद के कारण लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास की भावना थी। राज्य का विकास पूरी तरह से रुक चुका था। राज्य की सरकार कुछ खास लोगों की ही सहायता से ही चलाई जा रही थी। अपने स्वार्थ के लिए विधानसभा से लेकर सचिवालय तक में भ्रष्टाचार से लिप्त या माफिया जैसे लोग प्राय: पाये जाते थे। राज्य में कानून व्यवस्था भी पटरी से हट चुकी थी। इन पिछले 9-10 महीने में भ्रष्टाचर के प्रति हमारी जीरो टोलरेंस की नीति रही है। हम भ्रष्टाचार को कदापि सहन नहीं करेंगे। हम राज्य को माफियाओं से मुक्त करेंगे। सचिवालय से मुख्यमंत्री निवास तक माफियाओं से मुक्त होंगे और यह सच भी है कि सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा मंत्रियों के निवास माफियाओं और भ्रष्टाचारियों से मुक्त हैं,’’ ऐसा कहना है उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का उदय इंडिया के समूह संपादक दीपक कुमार रथ के साथ साक्षात्कार के दौरान। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश:-

 

आपने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी ली है। आपके सामने कई सारी चुनौतियां है। इसके संदर्भ में आप कुछ बताना चाहेंगे?

आज से नौ महीना पहले सरकार बदली, जिसकी जिम्मेदारी मुझे दी गई। राज्य में पिछली सरकार की भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद के कारण लोगों में सरकार के प्रति अविश्वास की भावना थी। राज्य का विकास पूरी तरह से रुक चुका था। राज्य की सरकार कुछ खास लोगों की ही सहायता से ही चलाई जा रही थी। अपने स्वार्थ के लिए विधानसभा से लेकर सचिवालय तक में भ्रष्टाचार से लिप्त या माफिया जैसे लोग प्राय: पाये जाते थे। राज्य में कानून व्यवस्था भी पटरी से हट चुकी थी। इन पिछले 9-10 महीने में भ्रष्टाचर के प्रति हमारी जीरो टोलरेंस की नीति रही हैं। हम भ्रष्टाचार को कदापि सहन नहीं करेंगे। हम राज्य को माफियाओं से मुक्त करेंगे। सचिवालय से मुख्यमंत्री निवास तक माफियाओं से मुक्त होंगे और यह सच भी है कि सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा मंत्रियों के निवास माफियाओं और भ्रष्टाचारियों से मुक्त हैं। आज सरकार पूरी पारदर्शिता और योग्यता के साथ सरकार चल रही है। जहां तक विकास की बात है तो पिछले वर्ष कि तुलना में पंद्रह प्रतिशत धन आवंटन अधिक हुआ है और इस तरह से अवरूद्ध विकास के अवरोध को हमने खत्म किया है। भ्रष्टाचार पर नियंत्रण क रते हुए हमने अभी तक 12 से 14 अधिकारियों को जेल का रास्ता दिखाया है। शिक्षा से लेकर खाद्य विभाग में एसआईटी बैठाई गई है, जो अपना काम कर रही है।

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आपकी सरकार ने, अभी तक के कार्यकाल में, गरीब कल्याण तथा विकास दर बढ़ाने के दिशा में किस प्रकार से कार्य किया है?

राज्य के  विकास दर का आकलन मार्च में आ पायेगा। राज्य में 90 प्रतिशत लघु और सीमान्त किसान हैं, जिनको हमने सस्ते ऋण प्रदान करने हेतु पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि सहकारिता प्रोग्राम के तहत 2 प्रतिशत की ब्याज से ऋण दे रहे हैं। पिछले दो महीने में लगभग 1 लाख किसानों को इस योजना का लाभ दिया गया है। हम किसानों को अन्य योजनाओं के तहत बेमौसमी सब्जियों, जड़ी-बूटी, मधुमक्खी पालन और भेड़-बकरी पालन को बढ़ावा दे रहे हैं। सीमांत गावों के विकास के लिए हम केंद्र सरकार की सहायता से कई प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं।

राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आप किस प्रकार का कदम उठा रहे हैं?

इस वर्ष संभवत: सितम्बर के महीने में हम उत्तराखण्ड में निवेशकों को आमंत्रित करेंगे। हमारे पास अभी भी निवेशक आते हैं और उनमें उत्तराखण्ड के प्रति काफी उत्साह है। वे कई प्रकार के प्रस्ताव देते हैं, जिसपर अभी काम चल रहा है। उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था के प्रति कोई समस्या नहीं है। पूरे देश में उत्तराखण्ड सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराता है। इसलिए निवेशक सम्मेलन के माध्यम से कई लोग उत्तराखण्ड आना पसंद करेंगे। हम स्क्रीनिंग प्लांटस पर काम कर रहे हैं।

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पर्यटन क्षेत्र का उत्तराखंड के विकास में एक अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हाल ही में अभी उत्तराखण्ड का दौरा किया है, जिसमें उन्होंने सड़क परियोजनाओं का जिक्र किया है। इसके संदर्भ में आप क्या कहना चाहेंगे?

रेलवे और सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा हैं। उत्तराखण्ड जंगलों से घिरा है, जिसके तहत कोई भी कार्य करने से पहले हमें फारेस्ट विभाग या एनजीटी से अनुमति लेनी पड़ती है। इस बार इन संस्थाओं से हमें अच्छे परिणाम मिले हैं और 70 से 80 प्रतिशत जंगल से जुड़ी समस्याओं को हम दूर करने में सफल रहे हैं। 65 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण के कार्य हो चुके हैं। इसलिए चारधाम परियोजना पूर्ण हो जायेगी तो राज्य में आने वाले यात्रियों की संख्या में अपने आप बढ़ोत्तरी होगी। इस वर्ष लगभग तीन करोड़ पर्यटक उत्तराखण्ड आ चुके हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ का भी निर्माण का कार्य चल रहा है, जो हमारे प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हो रहा हैं। अत: मई माह में केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद यहां पर काफी बदलाव दिखेगा। सरस्वती नदी और मंदाकिनी नदी के विकास का कार्य भी चल रहा है।

केदारनाथ में जिस प्रकार की त्रासदी आई थी, उससे निपटने के लिए तथा दोबारा रूप दिये जाने के कार्य किस प्रकार से किये जा रहे हैं?

केदारपुरी को न्यू केदारपुरी में परिवर्तित किये जाने का कार्य चल रहा है। केदारनाथ जी के गलियारे को 50 फीट चौड़ा किया गया है। अब मन्दिर को दूर से ही देखा जा सकता है। उत्तराखण्ड में सबसे अधिक धार्मिक तथा आध्यात्मिक पर्यटन होता है। इसलिए मैं लोगों से कहना चाहूंगा कि वे उत्तराखण्ड आयें, उन्हें यहां वह सब कुछ मिलेगा जों उन्हें देश के अन्य भागों में नहीं मिल सकता है। उत्तराखण्ड में फूलों की घाटी से लेकर हरे-भरे जंगल, पहाड़, 26 नदियां तथा हेमकुण्ड साहिब जैसे अन्य पर्यटन के साधन हैं।

औषधि और आयुर्वेद के विकास के लिए सरकार क्या काम कर रही है? चूंकि इस क्षेत्र की बढोत्तरी के लिए प्रधानमंत्री भी प्रयास करते रहे हैं।

हम किसानों को जड़ी-बूटी की पैदावार करने के परामर्श दे रहे हैं। प्राकृतिक संपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड काफी समृद्ध है, जिसका हमें काफी लाभ मिलता रहा है।

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क्या किसानों और आदिवासियों को सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य देती है?

बिल्कुल, सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देती है, यदि किसान को लगता है कि उसे बाजार में अधिक मुनाफा मिल रहा है तो किसान अपनी वस्तु को बाहर बाजार में बेच सकता है। अन्यथा सरकार उसके सामान को न्यूनतम मूल्य पर ले लेती है।

स्वच्छ भारत अभियान केन्द्र सरकार की सबसे मुख्य योजनाओं में से एक है। उत्तराखण्ड पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राज्य है। अत: स्वच्छ भारत को किस प्रकार से ले रहे हैं?

उत्तराखण्ड देश में चौथा राज्य है जो ओडीएफ (ओपन डिफेक्सन फ्री) स्टेट है। हमने मार्च तक राज्य से खुले शौच को खत्म करने का निर्णय लिया है। हमने अभी तक लगभग एक लाख से अधिक शौचालय बनाये हैं। बाकि हम मार्च तक पूरा कर लेंगे।

देश में केन्द्र सरकार के पास हरेक वर्ष दो करोड़ रोजगार पैदा करने का लक्ष्य था। इस संदर्भ में उत्तराखण्ड का क्या योगदान है?

उत्तराखण्ड में 670 नगर पंचायतें हैं जिसके विकास पर हम कार्य कर रहे हैं। इस विकास को हमने तीन रूप दिया है। पहला- रेडीमेड गारमेंट, दूसरा – एलईडी बल्ब से लेकर 45 अन्य उत्पादों तथा तीसरा 25 लाख टन अनानास के पत्तियों से तेल निकाला जाएगा तथा बाकी बचे बॉयोमास का कृषि और इंडस्ट्री के क्षेत्र में प्रयोग किया जाएगा। इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, जिसमें पुरुष और महिला दोनों के लिए रोजगार उपलब्ध होंगे।

2019 के चुनाव में लगभग 1 वर्ष बचा है, प्रधानमंत्री मोदी को यहां से कितनी सीटें जीतने की आशा करते होंगे?

उत्तराखण्ड में पांच लोकसभा की सीटें हैं और हमें विश्वास है कि हम इन पांच सीटों को दुबारा हासिल करने में सफल हो जायेंगे। जिस प्रकार से नरेन्द्र मोदी जी काम कर रहे है, उसका लाभ इन चुनावों में भी मिलेगा।

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उत्तराखण्ड के लिए आपका क्या विजन है?

हम चाहते हैं कि हर घर तक बिजली, रसोई गैस पहुंचे। जो लोग उज्जवला योजना से वंचित रह गए हैं, उनको हमने मुफ्त में गैस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। भौगोलिक रूप से कठिन स्थान होने के कारण कोई भी डॉक्टर पर्वतीय क्षेत्रों में जाने से डरता है, अत: हम हर अस्पताल में डॉक्टर पहुंचाने पर भी जोर दे रहे हैं। 17 वर्ष में इस बार पहला मौका होगा कि इन क्षेत्रों में हर अस्पताल में डॉक्टर होगा। हम सभी अस्पतालों में टेली मेडिसीन पर भी काम कर रहे हैं । हमने पिछले छ: महीने में 40 हजार घर बनाये हैं, जो पहले 2000 थे।

पिछले दिनों महाराष्ट्र में दलित आंदोलन देखने को मिला, इस पर आप कैसे देखते है?

महाराष्ट्र में जो कुछ भी हो रहा है, उसमें षड्यंत्र छिपा है। सबका साथ, सबका विकास प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है और भाजपा में हर वर्ग के लोग हैं। वह चाहे श्रमिक वर्ग क्यों न हो। चाहे डॉक्टर हो, किसान हो हर वर्ग ने सरकार को अपना मत दिया है। यही बातें हैं, जो इन लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रही है।

 

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