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निजी जासूसों का बढ़ता दायरा

निजी जासूसों का बढ़ता दायरा

यकीन मानिए या नहीं। लेकिन यह सच है। भारत में होने वाली हर तीसरी शादी, जो किसी मेट्रोमोनियल या शादी के प्रस्ताव सुझाने वाली वेबसाइट से हो रही है, उनमें युवक-युवती के बैकग्राउंड चेक कराए जा रहे हैं। इसके लिए न केवल इन युवाओं के माता-पिता, परिवार वाले बल्कि युवक-युवती अपने स्तर पर भी अपने होने वाले संभावित पति-पत्नि का बैक ग्राउंड चेक कराने के लिए जासूसी कंपनियों की सेवा ले रहे हैं। इन मामलों में सबसे अधिक जानकारी पूर्व के प्रेम प्रसंग, नौकरी या कारोबार को लेकर दी गई जानकारी की सत्यता, साइबर अपराध, परिवार के बैकग्राउंड जानने को लेकर होती है। वल्र्ड डिटेक्टिव एसोसिएशन के नवनियुक्त चेयरमेन कुंवर विक्रम सिंह ने यह जानकारी दी। यह पहली बार है जब कोई भारतीय इस एसोसिएशन का चेयरमेन बना हो। वह वल्र्ड डिटेक्टिव एसोसिएशन की 92वीं बैठक में यह जानकारी दे रहे थे। वर्ष 1984 के बाद यह पहली बार है जब इस एसोसिएशन की बैठक नई दिल्ली में हुई। इसमें 50 देशों के करीब 150 से अधिक जासूसों ने शिरकत किया। यह बैठक 12 अक्टूबर से तीन दिन तक दिल्ली के शंग्रीला होटल में चलेगी। इस में काला धन से लेकर भ्रष्टाचार, कंपनियों में होने वाली अनैतिक सूचना लीक, साइबर अपराध सहित कई महत्वपूर्ण सामयिक मसलों पर चर्चा की जानी है।

कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि निजी जासूसी कंपनी का कारोबार वर्ष 2020 तक करीब 1700 करोड़ से 2000 करोड़ रूपये तक पहुंच सकता है। यह कारोबार हर वर्ष करीब 30 से 35 प्रतिशत की गति से बढ़ रहा है। वित्तीय धोखाधड़ी और व्यक्तिगत और कंपनियों के बैक ग्राउंड के बढ़ते चलन के बीच यह कारोबार लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वल्र्ड डिटेक्टिव एसोसिएशन (WAD) की स्थापना 1925 में की गई थी। यह सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित जासूसी संगठन है। इसमें 80 से अधिक देशों के जासूस शामिल हैं।

इस तीन दिवसीय संगोष्ठी के बाद यहां जुटने वाले सभी वैश्विक जासूसों ने एक कॉमन कार्यक्रम सूची बनाया, जिसके आधार पर चिन्हित बिंदुओं पर यह संगठन आगे बढ़ेगा। इस कार्यक्रम सूची को लेकर संगठन के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों से भी मिलेंगे और उन्हें काला धन सहित अन्य मसलों पर अपनी मदद का वादा सरकार को दे सकते हैं। कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि हमारी संस्था के सदस्य 80 से अधिक देशों में हैं। ऐसे में अगर सरकार काला धन, भ्रष्टाचार सहित अन्य मसलों पर हमारी मदद को तैयार होगी तो हम स्वेच्छा उन्हें एक निश्चित दायरे में अपनी मदद देने को सहर्ष तैयार हैं। हम मानव तस्करी, तस्करी, नकली नोट, साइबर क्राइम और आतंकवाद रोधी अभियान में मदद को भी सहर्ष तैयार हैं।

कुंवर विकम सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हम इस वैश्विक संस्था की वार्षिक बैठक भारत में आयोजित कर रहे हैं। यह भारत का विश्व में मान ही है कि दुनिया के 150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय जासूस यहां पर जुट रहे हैं। खासकर जब देश नकली नोट, भ्रष्टाचार, कंपनियों में वित्तीय गड़बड़ी, तस्करी, काला धन से संघर्ष करने को सरकार तैयार है तो हम भी मदद के लिए तैयार हैं। हम इन सभी मसलों पर चर्चा के लिए भी तैयार हैं।

जासूसी कारोबार के भविष्य को लेकर किये गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें निजी जासूसी कंपनियां काफी काम कर सकती हैं। काला धन और काला धन अभियान के बाद गायब हुए लोगों की खोज और पड़ताल भी एक बड़ा क्षेत्र है।

उन्होंने कहा कि ऐसे गायब लोगों को ढूंढने में हम सरकार की मदद कर सकते हैं। हम यहां पर सरकार को मदद देने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा दिया है। इसमें हम अपनी भूमिका निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह कारोबार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में हम चाहते हैं कि इसमें प्रमाणित पेशेवर आए और यह कारोबार अच्छे लोगों के साथ आगे बढ़े इसलिए सरकार को जासूसो को लाइसेंस देना चाहिए। जिससे उनकी वैधानिक प्रमाणिकता बढ़े। सरकार इसके लिए संसद में एक एक्ट लाई है। हमें उम्मीद है कि यह संसद से जल्द पास होगा। जिससे यह पता चलेगा कि कानूनी परिधि क्या है और एक जासूस के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, यह तथ्य सामने हो। इससे सरकार को भी यह लाभ होगा कि वह निजी जासूसों को कानूनी दायरे में लाते हुए उनके साथ कार्य कर पाएगी और विभिन्न केसो में उनकी सीधी मदद हासिल कर पाएगी।

 

कुंवर विक्रम सिंह ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्याकांड पर अफसोस जताते हुए कहा कि हमनें सीबीएसई को प्रस्ताव दिया है कि हम साइको टेस्ट सहित सुरक्षा ऑडिट में अपनी दक्षता का लाभ स्कूलों को उपलब्ध कराने के लिए उपलब्ध है। कई स्कूलों ने भी हमसें सीधे इसके लिए संपर्क किया है। हम कर्मचारियों के बैकग्रांउड चेक में भी स्कूलों की मदद कर सकते हैं। इसके लिए हमारे पास शॉट टर्म मॉडयूल भी है।

कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि भारत में जासूसी कारोबार का वृहद बाजार मौजूद है। यह करीब 500—600 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार है, जो सालाना 30 प्रतिशत की दर से बढऩे का आकलन है। कंपनियों के विलय—अधिग्रहण, टॉप एवं मिडिल लेवल के कार्यकारी अधिकारियों के बैकग्राउंड चेक का चलन शुरू होने, बाजार में आने वाले माल में असली-नकली की पहचान का प्रचलन बढऩे, इंश्योरेंस धोखाधड़ी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी जैसे मसलों से यह कारोबार और बढ़ रहा है और बढ़ेगा। आने वाले समय में यह कारोबार 50,000 करोड़ रूपये तक बढ़ सकता है।

कुंवर विक्रम सिंह तो सेंट्रल एसोसियेशन ऑफ प्राइवेट सिक्यूरिटी इंडस्ट्री के अध्यक्ष हैं, वह वल्र्ड डिटेक्टिव एसोसियेशन के पहले ऐसे चेयरमेन भी बन गए हैं जो भारतीय हो। इस तीन दिवसीय संगोष्ठी के दौरान उन्हें विधिवत रूप से यह पदभार दिया गया।

इस संगोष्ठी का उद्घाटन लेफ्टिीनेंटजनरल, सेवानिवृत राजेंद्र सिंह, भूतपूर्व महानिदेशक आयुद्य, भारतीय सेना और पूर्व कमांडर यूएन पीस कीपिंग फोर्स ने किया।

उन्होंने अपने उदघाटन भाषण में कहा कि निजी जासूस भ्रष्टाचार से लडऩे में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। खासकर कॉरपोरेट की दुनिया में भ्रष्टाचार को चिन्हित करने में यह काफी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा आईपीआर या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के क्षेत्र में भी ये काफी कार्य कर सकते हैं। वे आईपीआर बचाने में भी कंपनियों की मदद कर सकते हैं। कॉरपोरेट क्षेत्र में यह भी होता है कि लोग जानना चाहते हैं कि दूसरे क्या कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को खरीदने, महत्वपूर्ण अधिकारियों को रिश्वत देने या फिर सूचना हासिल करने के मामले भी होते हैं। ऐसे में निजी जासूस इस क्षेत्र में भी कार्य कर सकते हैं और कॉरपोरेट दुनिया के भ्रष्टाचार को रोकने में या चिन्हित करने में मदद कर सकते हैं। कॉरपोरेट दुनिया में इथीकल व्हेवियर या मूल सिद्धांत के क्षेत्र में भी निजी जासूस कंपनियां काम कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। आजकल काफी डाटा यूज किया जाता है। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए काफी कूट भाषा भी बनाई जाती है। लेकिन साथ ही उस कूट भाषा को तोडऩे की भी चेष्टा की जाती है। इस क्षेत्र में भी निजी जासूसों की उपयोगिता है।

आज के समय में कई कंपनियां या व्यक्ति छोटे रास्ते से बड़ी सफलता की चाह भी रखते हैं। यह भी एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर निजी जासूस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह एक ऐसा वृहद क्षेत्र है जिसमें निजी जासूस काम कर सकते हैं। जिस तरह से आर्थिक गतिविधियां बढ़  रही है, नई कंपनियां बाजार में आ रही है और लोगों या कंपनियों की स्क्रीनिंग बढ़ रही है, उस लिहाज से यह कारोबार लगातार वृद्धि करेगा।

(उदय इंडिया ब्यूरो)

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