‘नये भारत’ के लिए भाजपा की हुंकार

‘नये भारत’ के लिए  भाजपा की हुंकार

भारतीय राजनीति को नया वैचारिक आयाम प्रदान करने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती वर्ष चल रही है। इस अवसर पर उनके बताये गये कदमों पर चलने वाली भाजपा ने भव्य प्रकार से उनके इस जन्मशती को सफल बनाने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर, पूरे वर्ष उनके द्वारा बताये गये निर्देशों को लोगों के बीच ले जा रही है। भाजपा का मानना है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से अभी भी भारत के आम लोग अनभिग्य है।

जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बाद केवल पंडित दीनदयाल ही थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना कर16 वर्ष तक अत्यंत परिश्रम करते हुए, जनसंघ को लोगों के समक्ष प्रस्तूत करने में सफल रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबों के भलाई के लिये हमेशा चिंतन करते थे।

1968 में 52 वर्ष की उम्र में पं दीनदयाल की हत्या कर दी गई लेकिन उनकी राष्ट्रवादी सोच आज भी लोगों में मौजुद है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ‘एकात्म मानव-दर्शन’ जैसे सिद्धांत को लागों के समक्ष रखा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि पूंजीवाद ने मानव को एक आर्थिक इकाई माना और उसके समाज से संबंधों को एक अनुबंध से ज्यादा कुछ नहीं समझा है। साम्यवाद ने व्यक्ति को मात्र एक राजनीतिक और कार्मिक इकाई माना है। साम्यवाद के प्रवर्तक मार्क्स ने मानव-समाज को एक विखंडित आपसी संबंध-विहीन भीड़ की तरह देखा, जिसमें एक वर्ग अपना आधिपत्य जमाने के लिए स्वार्थपूर्ण नियम और प्रथाओं को लागू करता है। समाजवाद में भी व्यक्ति को एकांगी माना गया। मूलत: पश्चिम की सभी विचारधाराएं संक्रेंद्रित (कन्सेंट्रिक) हैं। हालांकि, व्यक्ति उन सबके मूल में है, लेकिन उससे कुछ परे हट कर परिवार, समुदाय और राज्य हैं, जो पश्चिमी विचारकों के अनुसार, एक-दूसरे से अलग हैं। संभवत: पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बताये गये रास्ते पर पिछले तीन वर्षों भाजपा अपनी सरकार को आगे ले जाती दिख रही है।

इसी संदर्भ में अभी हाल ही में  दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक को संबोधित करते पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी और सरकार के काम के लिए सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करें। कार्यकर्ताओं के सुझावों को सरकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पार्टी नेताओं की है। इसी क्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 2019 में भाजपा पिछली बार से बड़ी जीत दर्ज करेगी। केरल और पश्चिम बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा की निंदा करते हुए अमित शाह ने कहा कि हिंसा से बीजेपी कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है। हिंसा का कीचड़ कोई कितना ही फैलाए, हमारा कमल उतना ही निखरेगा। अगले पांच साल पार्टी और विस्तार करेगी।

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यर सत्य है कि मोदी सरकार ने हाल ही में देश के गरीबों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उर्जा भवन में ओएनजीसी के एक कार्यक्रम में ‘सौभाग्य योजना’ लॉन्च किया। इस योजना के तहत देश के गांव और शहर के गरीब परिवारों को 24 घंटे बिजली दी जाएगी। जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर इस योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना के तहत देश के 4 करोड़ परिवारों को बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य है। योजना को 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसपर कुल 16320 करोड़ रुपए खर्च आएगा। फिलहाल सरकार ने इसके लिए 12 हजार 320 करोड़ रुपये बजटीय आवंटन किया है। योजना से तीन करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत हर घर को 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा और एक बैटरी दी जाएगी। साथ ही सरकार बिजली उपकरणों के मरम्मत का खर्च भी पांच साल तक उठाएगी।

भाजपा ने देश में विकास लाने हेतु ब्राण्ड इण्डिया के पांच ‘टी’, प्रतिभा (टैलेंट), व्यवसाय (ट्रेड), परंपरा (ट्रेडिशन), पर्यटन (टूरिज्म) और प्रोद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) को अपना मुख्य बिंदू बनाया है। केंद्र में सरकार बनने के बाद से ही सरकार की आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस कि नीति रही है। भाजपा का ऐसा मानना है कि सरकार इसी नीति पर चलते हुए आतंकवादी तत्वों एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्ती से निपट सकती है। वैश्विक पटल पर भी आतंकवाद के विषय को मजबूत ढंग से रखने में सरकार ने  अभूतपूर्व कार्य किया  है। अलगाववादियों को विदेशों से मिलने वाली मदद के अवैध स्रोतों के आर्थिक तंत्र एवं हवाला कारोबार पर सरकार ने नकेल कसने का प्रयास किया है।

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सरकार द्वारा महिलाओं के हितों की दिशा में बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, सुकन्या समृद्धि योजना एवं उज्जवला योजना के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभार्थी बनाया गया है। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के विषय को जमीनी स्तर तक ले जाने का बड़ा सन्देश दिया गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं किसान फसल बीमा योजना से खेती में उत्पादन वृद्धि एवं अनिश्चितताओं को दूर करने में सफलता मिली है। इस वर्ष जून में भारत और चीन के बीच उत्पन्न हुए डोकलाम विवाद को शान्तिपूर्ण तरीके से राजनयिक बातचीत के द्वारा सुलझाने में सफल रही। यह घटनाक्रम राजनीतिक परिपक्वता और कूटनीति की विजय का परिचायक है।  भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने कूटनीति में मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता देकर दुनिया में अच्छे संबंधों को मजबूत किया है। पड़ोसी देशों के साथ ही नेपाल की भूकंप की त्रासदी में, मालद्वीप में पानी के संकट तथा म्यामांर में स्वाईन फ्लू के संकट पर भारत ने पड़ोसी देशों के साथ अपने रिश्तों को जिम्मेदारी से निभाया है। इस क्रम में सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग की संवैधानिक मान्यता का प्रश्न दशकों से लंबित था। सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का निर्णय लिया। यही कुछ महत्वपूर्ण बिंदू रही है जिस पर भाजपा ने लगातार तीन वर्षों से अपने विकास का मार्ग बनाया है, जो की पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भी अपने जीवन का लक्ष्य बनाया था।

रवि मिश्रा

 

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