रोहिंग्या सबसे दबे-कुचले लोग, उन्हे शरण देना आवश्यक

रोहिंग्या सबसे दबे-कुचले लोग, उन्हे शरण देना आवश्यक

”विश्व के अन्य विकसित देशों में शरणार्थी रहते हैं। यदि उन देशों को कोई समस्या नहीं है तो भारत को किस प्रकार की समस्या है? जहां तक उनका आतंकियों से सम्बंध होने की बात है तो मेरी दृष्टि में रोहिंग्या इस प्रकार के नहीं है और ऐसा है भी तो हमारी जांच एजेंसियों को पड़ताल करनी चाहिए,’’ यह कहना है किशनगंज, बिहार, से कांग्रेस सांसद और जमात उलेंमा-ए-हिंद के राज्य अध्यक्ष मोहम्मद असरारूल हक का उदय इंडिया के संवाददाता रवि मिश्रा से हुई वार्तालाप के दौरान। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश:

क्या रोहिंग्याओं को भारत में शरण दी जानी चाहिए?

रोहिंग्या सारे संसार में सबसे अधिक दबे-कुचले लोग हैं, अत: बिल्कुल उन्हें भारत में शरण दिया जाना चाहिए। भारत ने हमेशा से ही दबे-कुचले लोगों को स्थान दिया है और यदि रोहिंग्या म्यांमार में उन पर हो रहे हमलों के कारण भारत की ओर आ रहे है तो अवश्य ही भारत को अपना बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें यहा स्थान देना चाहिए।

ऐसा कहा जा रहा है कि भारत में रोहिंग्या को शरण देने से केवल भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव होंगे, बल्कि उनके आतंकियों के साथ जुड़ाव होने से भारत में आतंक भी फैलेगा।

केवल जम्मू में ही 10 हजार रोहिंग्या रहते हैं और हाल में ही वहां की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि रोहिंग्या देश के लिये कोई खतरा नहीं हैं। विश्व के अन्य विकसित देशों में शरणार्थी रहते हैं। यदि उन देशों को कोई समस्या नहीं है तो भारत को किस प्रकार की समस्या है? यदि भारत इन मजलुमों को जगह नहीं देता है तो रोहिंग्या को किसी भी जगह स्थान प्राप्त नहीं होगा और भारत की अपनी पहचान संपूर्ण विश्व में धूमिल हो जायेगी। जहां तक उनका आतंकियों से सम्बंध होने की बात है तो मेरी दृष्टि में रोहिंग्या इस प्रकार के नहीं हंै और ऐसा है भी तो हमारी जांच एजेंसियों को पड़ताल करनी चाहिए।

बांग्लादेशभी उन्हें अपने देश में घुसने से रोक रहा है।

मैं बांग्लादेश को नही जानता, मुझे भारत से मतलब है।

Rohingya people fled from oppression in Myanmar

पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी भी पिछले 65 वर्षो से जम्मू और कश्मीर में हैं, क्या महबूबा मुफ्ती को उन्हें निवास प्रमाण पत्र नहीं देना चाहिए?

मैं इसके विषय में नहीं जानता हूं, परन्तु ऐसा है तो अवश्य ही उन्हें यह अधिकार दिया जाना चाहिए।

कश्मीरी पंडित को कश्मीर से भागने पर विवश कर दिया गया, एक सांसद के नाते क्या आपको इसकी आवाज नही उठानी चाहिए?

कश्मीर के लोग काफी अच्छे हैं। वे भी चाहते है कि घाटी में पंडित आकर रहे। पंडितों के साथ जो भी हुआ, उसके पीछे पाकिस्तान का हाथ था। पाकिस्तान जानबूझकर कश्मीर में आतंक फैला रहा है।

किरण रिजिजू ने कहा है कि सभी रोहिंग्या को देश से बाहर किया जाये क्योंकि वे देश के लिए खतरा हैं।

किरण रिजिजू भारत के संविधान से ऊपर नहीं हैं। अभी यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में गया है, न्यायालय इस मामले पर अंतिम निर्णय देगी।

 

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