छम-छम बारिश और जामुन का मजा

छम-छम बारिश और जामुन का मजा

जामुन गर्मी के मौसम में मिलने वाला फल है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज पाया जाता है। और इसमें लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है।

जामुन में एंटी-ऑक्सीडेन्ट्स विशेष रूप से फ्लेबोनायड्स मिलते हैं जो स्मरण-शक्ति ठीक रखने में सहायक हंै। आग से जले के सफेद दागों पर जामुन के पत्तों का प्रतिदिन लेप करने से दाग ठीक हो जाते हैं। जामुन खाने से चेहरे के मुंहासे मिट जाते हैं। इसकी गुठलियों को पानी डालकर, पीसकर चेहरे पर लेप करके आधे घंटे बाद धोने से मुंहासों से छुटकारा मिलेगा। जामुन का चूर्ण और मिश्री (पिसी) करीब 15 ग्राम की मात्रा में प्रात: एवं सायं दूध के साथ लेने से हर प्रकार की कमजोरी दूर होती है। मधुमेह के रोगियों को हर रोज 150 ग्राम जामुन खाना चाहिए। जामुन के नियमित सेवन से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है।

जामुन की गुठली का चूर्ण एक-एक चम्मच सुबह-दोपहर-शाम पानी के साथ लेने से शर्करा आना ठीक हो जाता है। इसके साथ ही आम की गुठली का चूर्ण तीन-तीन ग्राम की मात्रा में पानी से लें। जामुन की गुठली मधुमेह के लिए रामबाण है। गुठली का पाउडर निर्धारित मात्रा में ही लें, अधिक मात्रा में लेना हानिप्रद है। जामुन खाना खाने के बाद खायें तथा इसके सेवन से दो घंटे पूर्व व पश्चात्  दूध नहीं पियें। जामुन में आयरन होता है जो रक्त के लिए काफी जरुरी तत्व होता है। हृदय रोगों में भी इसका सेवन लाभदायक है।

अगर शरीर पर कोई फफोला, जलन, घाव हो जायें तो इसकी गुठली पानी में पीसकर रोजाना दो बार लगाने से ये घाव ठीक हो जाते हैं

200 ग्राम जामुन एक गिलास उबलते हुए पानी में डालकर कुछ देर उबालें। फिर उतार कर ठंडा होने दें। इसी पानी में उन्हें मथकर, छानकर एक चम्मच शहद मिलाकर हर रोज तीन बार पियें। इससे शरीर का दुबलापन और मधुमेह रोग में लाभ होता है।

जामुनों को धूप में सुखाकर पीस लें। इस पाउडर की तीन चम्मच हर रोज तीन बार पानी के साथ लेने से मधुमेह में लाभ होता है।

पेट की बीमारियों में जामुन लाभदायक है। पेट दर्द, दस्त होने पर इसके रस में सेंधा नमक मिलाकर पीना चाहिए।

अपच होने पर 100 ग्राम जामुन पर नमक डालकर हर रोज खायें। एक कप पानी में एक चम्मच जामुन का सिरका डालकर हर रोज तीन बार पियें। इससे पेट के प्राय: सभी सामान्य रोग ठीक हो जाते हैं। भूख अच्छी लगती है।

पेट दर्द होने पर एक कप पानी में एक चम्मच जामुन का सिरका, जरा-सा काला नमक मिलाकर पियें।

बार-बार होने वाले दस्तों में जामुन के कोमल पत्तों का दस ग्राम रस थोड़े से शहद में मिलाकर दिन में तीन बार लेने से काफी लाभ होता है। केवल इसका रस पीने से भी दस्त बन्द हो जाते हैं।

जामुन के 40 नरम पत्तों को पीसकर एक गिलास पानी में घोल लें, छानकर कुल्ले व गरारे करें, मुंह के छाले बहुत जल्दी ठीक हो जायेंगे। इसको खाने से भी छाले ठीक हो जाते हैं। पानी में सिरका डालकर भी कुल्ले कर सकते हैं।

जामुन का सिरका सौंदर्यवर्धक होता है। इसको नियमित पीने से स्री, पुरुष, बच्चों का सौन्दर्य बढ़ता है। एक कप पानी में एक चम्मच सिरका मिलाकर पियें।

जामुन को खाली पेट खाना अच्छा नहीं है। इसको खाना खाने के बाद लेना लाभदायक है। इसको ज्यादा मात्रा में खाने से हानि होती है।

    (उदय इंडिया ब्यूरो)

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