झारखंड बुला रहा है भारत की विकास भूमि

झारखंड बुला रहा है  भारत की विकास भूमि

झारखंड में पहली बार हो रहे ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का औपचारिक उद्घाटन रांची स्थित खेलगांव में केंद्रीय वित्त वाणिज्यकर मंत्री अरुण जेटली ने किया। टाना भगत स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में मोमेंटम झारखंड के ब्रांड एंबेस्डर महेंद्र सिंह धोनी, मुख्यमंत्री रघुवर दास सहित देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति शामिल थे। इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी शिरकत की, जिनमे नितिन गडकरी, जयंत सिन्हा, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी शामिल थे।

इस अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि री-मोनेटाइजेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है और देश भर में करेंसी की पूरी उपलब्धता है। जेटली ने ये बातें रांची में मोमेंटम झारखण्ड के उद्घाटन के दौरान कही। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानि मोमेंटम झारखण्ड में रतन टाटा, कुमार मंगलम बिड़ला, राजेश अडानी, नवीन जिंदल, शशि रुइया जैसे देश-विदेश के कई उद्योगपति शामिल हुए।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि 105 साल पहले जमशेदजी ने झारखंड में संभावनाएं देखी थी. उनका निर्णय सही था। झारखंड में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन इतिहास बदलने वाला है। आज हम स्मार्ट सिटी की बात करते हैं लेकिन जमशेदपुर दुनिया के कई स्मार्ट सिटी से बेहतर है। सांस्कृतिक रूप से देखे तो झारखंड काफी समृद्ध राज्य है लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि राज्य की ज्यादातर आबादी गरीबी में जी रही है। राज्य में खेल के समृद्ध परंपराओं का मोमेंटम झारखण्ड जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां कि आदिवासी हॉकी खिलाड़ी ओलंपिक में मेडल जीतते आये हैं। इसमें ट्यूनीशिया, जापान और मंगोलिया के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हो रहे हैं। इस मौके पर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि झारखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए केंद्र 50 हजार करोड़ का निवेश करेगी, जिसके तहत रोड, पल-पुलिया का निर्माण का काम होना है। समय बीतने के साथ ही देश के कई राज्यों में अलग राज्य करने की मांग उठने लगी। लोग अपना अलग राज्य देखना चाहते थे और खुद शासन करने की इच्छा व्यक्त करने लगे। नयी सरकार अच्छा काम कर रही है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड का तीसरा स्थान है। मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में झारखंड की स्थिति काफी मजबूत है जल्द ही यहां सर्विस सेक्टर में ग्रोथ दिखेगा। राज्य में शहरीकरण की काफी संभावनाएं है। देश के पश्चिमी राज्य तेजी से विकास किये हैं जबकि पूर्वी राज्य अभी भी प्रगति के दृष्टिकोण से देखा जाये तो पीछे है ऐसे में तीव्र गति से काम किये जाने की संभावनाएं है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने समिट में सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि निवेश के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है। झारखण्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया का हिस्सा है। इसके मोमेंटम झारखंड से इसे बड़ी उम्मीद है। देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हासिल करने वाले राज्यों में झारखंड को 5वां तथा व्यापार सुगमता के मामले में सातवां स्थान हासिल है। श्रम सुधार में भी झारखंड पिछले दो वर्षों में लगातार पहले स्थान पर है। झारखंड देश का तीसरा राज्य है, जिसने जीएसटी को स्वीकार किया। राज्य में उद्योग- व्यापार के लिए मैत्रीपूर्ण वातावरण बना है। इसके लिए निवेश प्रोत्साहन के लिए निवेश प्रोत्साहन बोर्ड एवं आइटी एडवाइजरी काउंसिल बनाया गया है और इसमें उद्योग-व्यापार जगत के सफल नायकों को शामिल किया गया है। झारखण्ड एक तेजी से उभरता हुआ युवा प्रदेश है। यह लगातार भारत का सर्वाधिक विकसित और संपन्न राज्य बनने की दिशा में बढ़ रह है। यह प्रदेश संभावनाओं से भरा हुआ है।

केंद्रीय सड़क, परिवहन व जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड में मंत्रालय के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड में सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। पथ निर्माण के लिए 50,000 करोड़ का निवेश किया जायेगा। 2000 करोड़ का साहेबगंज ब्रिज का काम जल्द शुरू होगा। राज्य में 88 रेलवे ब्रिज का निर्माण करने की योजना है। इसमें 600 करोड़ की लागत आयेगी। सीएम रघुवर दास मुझे कई बार जमशेदपुर -रांची सड़क के निर्माण के बारे में कह चुके हैं।  इस सड़क का 30.8 प्रतिशत काम हुआ है। एनएचआइ से 1000 करोड़ रुपया फाइनांस किया जायेगा। देश के विकास के लिए लॉजिस्टीक कॉस्ट कम करना जरूरी है। हम 1620 किमी का वाटरवे शुरू करने जा रहे हैं। 1620 किमी  के वाटर वे में 50 किमी झारखंड के हिस्से में आयेगा। इस वाटर वेज का उपयोग कोयले के वहन के लिए भी किया जा सकेगा। हल्दिया से साहेबगंज के बीच मल्टीमोडल हब का निर्माण किया जायेगा।

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कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने समिट में अपने मंत्रालय का कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रालय ने बुनकर संवर्धन योजना चलाया जा रहा है। झारखंड का सिल्क जर्मनी, यूएस, युनाइटेड किंगडम, स्विटजरलैंड में प्रसिद्ध है। हम बुनकर और राज्य सरकार के ब्यूरोक्रेट से लगातार संपर्क में रहेंगे ताकि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच पाये।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा मेरे मंत्रालय का सबसे ज्यादा काम झारखंड से जुड़ा हुआ है। चाहे वो कोयला, खनन या ऊर्जा है। यहां की सरकार में उत्साह है, और आने वाले दिनों में यह प्रथम श्रेणी का राज्य बनेगा।

किसी देश के प्रगति में मिनरल वेल्थ का अहम स्थान होता है। इस साल 30 नये खानों में खनन का काम शुरू होगा।

इवेंस्टर्स समिट 2017 के ब्रांड एंबेंसडर व भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि मैं आज जो भी बोल रहा हूं वो किसी सेलिब्रेटी व क्रिकेटर के हैसियत से नहीं बल्कि एक ऐसे लड़के रूप में जो यहां जन्म लिया है, पला-बढ़ा है। धोनी ने कहा कि जब झारखंड अलग राज्य बना था तब हम बहुत खुश हुए थे लेकिन राज्य राजनीतिक अस्थिरिता का शिकार था। अब यह राजनीतिक रूप से स्थिर है। यहां आगे बढऩे की भरपूर संभावनाएं है।

वेदान्ता  गु्रप के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा, यह मेरे लिए घरवापसी है। मेरा बचपन हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में गुजरा है। मुख्यमंत्री ने जब मुझे फोन किया था तो उनके आवाज में जोश था, विश्वास था। अनिल अग्रवाल ने कहा झारखंड में प्रयोग के तौर पर मैं इस साल 5000 करोड़ का निवेश करूंगा। पूरा शहर दीवाली मना रहा है। राज्य में जो माहौल बना हुआ है उसका फायदा सबको उठाना चाहिए।

आदित्य बिरला गु्रप के कुमार मंगलम बिरला ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड 1990 से निवेशकों का सबसे पंसदीदा राज्य रहा है। यहां  की सरकार प्रोएक्टिव है। उन्होंने कहा कि आदित्य बिरला कंपनी राज्य सरकार को 6000 करोड़ की रॉयल्टी व टैक्सी देती है।

जापानी राजदूत केनजी हीरान्तसु ने कहा झारखंड और जापान का रिश्ता बहुत पुराना है। हम यहां 33,000 लोगों को ट्रेनिंग प्रदान करेंगे। जापानी कंपनियां झारखंड निवेश के लिए तैयार हैं। हमारी कई कंपनियां झारखंड में सीएसआर गतिविधियों में हिस्सेदारी ले रही हैं।

समिट को संबोधित करते हुए टाटा संस के  रतन टाटा ने कहा, झारखंड मेरे लिए बेहद अहम है। जमशेदपुर में मैंने पहली नौकरी की और जिंदगी के छह साल झारखंड में ही गुजारे। उन्होंने कहा भारत बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न राज्य है। मैं अपने समकालीन उद्यमियों को कहना चाहूंगा कि झारखंड में अपार संभावनाएं हैं।

दो दिनों तक चले  मोमेंटम झारखण्ड के तहत  व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ रूह्र किये जाएंगे। झारखण्ड सरकार के दावे के मुताबिक अब तक साढ़े तीन लाख करोड़ के इन्वेस्टमेंट का प्रस्ताव मिल चुका है। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो संदेश भी प्रसारित किया गया।

रांची से नीलाभ कृष्णा

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