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धारयति इति धर्म:

0 June 1, 2017

भला किसकी इच्छा स्वस्थ जीवन जीने की नहीं होती है? हम अपने आस-पास कई दुष्कर्म की घटनाएं होते देखते हैं। लेकिन हमारे समाज में अधिकांश लोग ऐसे हैं जो अपन...

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मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

0 May 18, 2017

इतिहास में घटने वाले अनेक महायुद्धों की तरह ही हमारे अंदर भी निरंतर एक महायद्ध चलता रहता है। यह युद्ध  किसी को दिखता नहीं, लेकिन इसका असर सबके जीवन पर...

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खुशी बांटने से प्रसन्नता बढ़ती है

0 May 4, 2017

जीवन के समीकरण को समझना वास्तव में कठिन है। हमारे जीवन के योग और वियोग को भी समझना इतना आसान नहीं है। जो व्यक्ति इसे अच्छे से समझ लेता है, वही  जीवन क...

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सतकार्य ही हमारे जीवन में नई दिशा दिखा सकते हैं

0 April 21, 2017

हम सब यह अच्छी तरह से जानते है कि यह दुनिया परमपिता परमेश्वर की ईच्छा से चलती है। हमारे सुख और दुख का निर्णय उनके द्वारा होता है। जब समस्त कार्य उन्ही...

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भक्ति का रंग

0 April 5, 2017

हमारे पूर्वजों के द्वारा बनाए गए हर रीति-रिवाज को मानते हुए हम अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं। कभी त्योहारों के माध्यम से तो कभी शादी-विवाह जैसे कार्...

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आस्था

0 March 22, 2017

धर्म की दृष्टि से विभाजन किया जाए तो मनुष्य दो प्रकार के होते हैं। ईश्वर को मानने वाले इनसान जो आस्तिक कहलाते हैं और ईश्वर को न मानने वाले इनसान, जिन्...

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परम पुरुष और परमात्मा

0 March 7, 2017

कहा जाता है कि जीवन एक रंगमंच है। यहां हर कोई एक कलाकार है। हममें से हर किसी को एक किरदार निभाना पड़ता है। इस रंगमंच का एक ही निर्देशक है, वह है परमात...

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विचार मंथन

0 February 8, 2017

हम हमेशा अपने मन में सुविचार और कुविचार दोनों के बीच में दबे रहते हैं। कितना भी अधिक सुविचारों को मन में लाते हैं, कितना भी अधिक ज्ञान प्राप्त कर लेते...

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व्यक्तित्व का विकास

0 January 26, 2017

व्यक्ति का परिचय होता है उसके व्यक्तित्व से।  समाज में हम कैसे रहते हैं , कैसे लोग हमारे साथ व्यवहार करते हैं, यहाँ तक की हमारी उन्नति भी निर्भर करती ...

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