प्रमुख लेख

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राजनीति रजनी-स्टाइल

0 January 14, 2018

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत के नई राजनीतिक दल बनाने के निर्णय ने तमिलनाडु की द्रविडिय़न पार्टियों की नींद उड़ा दी है। यह सत्य है कि अभी पार्टी क...

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साख और सरकार

0 December 28, 2017

आखिरकार मोदी-द्वेषी तथाकथित सेकुलर बिरादरी को क्रिसमस और नए वर्ष की खुशी मनाने का बहाना और कुछ साख का तोहफा मिल गया क्योंकि ये गुजरात को कुछ हद तक जात...

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लव-जिहाद का मकडज़ाल

0 December 14, 2017

विश्व में बदलाव की प्रक्रिया सत्त है। मनुष्य और समाज के विचारों में समय के साथ बदलाव होता हैं, लेकिन जब यह बदलाव किसी व्यक्ति विशेष के कारण समाज की मा...

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हमारी सांस्कृतिक धरोहर पर बार-बार क्यों प्रहार?

0 November 30, 2017

एक बार फिर पद्मावती नामक बॉलीवुड  फिल्म राजपूत समुदाय की भावनाओं को चोट पहुंचाने के कारण सुर्खियों में है। मैं संजय लीला भंसाली को उनके इस विवादित फिल...

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एक कर्मयोगी  और एक अबोध

0 November 16, 2017

गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण एक बार फिर गुजरात और मोदी सुर्खियों में छा गये हंै। इस बार भी नरेन्द्र मोदी के आलोचक उनका विरोध करने में क...

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धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हिन्दुत्व पर बार-बार प्रहार क्यों?

0 November 1, 2017

अनेकता में एकता ही इस प्राचीन भारत की सभ्यता रही है जो विश्व के किसी दूसरे कोने में देखने को भी नहीं मिलती। हमने इस अनेकता में एकता को हमेशा ही स्वीका...

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विज्ञान, अध्यात्म और अम्मा

0 October 22, 2017

भारत के दक्षिणी हिस्से से वैश्विक तौर पर एक आध्यात्मिक गुरु की पहचान रखने वाली माता अमृतानंदमयी, आध्यात्मिक गुरु से ज्यादा एक समाज सुधारक हैं जो ̵...

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रोहिंग्या घुसपैठ आ बैल मुझे मार

0 October 5, 2017

25 अगस्त को म्यांमार के रखाइन प्रांत में उस समय भयानक हिंसा फैली, जब रोहिंग्या समुदाय से जुड़े आतंकियों ने म्यांमार के सैनिकों पर हमला कर, म्यांमार के...

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बुल्डोजर नहीं, स्वच्छ विकास के लिए गडकरी की गंभीर सोच

0 September 22, 2017

एक बार अमेरिकी  राष्ट्रपति जान एफ. कैनेडी ने कहा था कि अमेरिकन रोड अच्छे हैं, इसका कारण यह नहीं है कि अमेरिेका धनी है। बल्कि अमेरिका धनी है, क्योंकि इ...

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