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महानदी उद्गम की गौरव गाथा

0 June 15, 2017

भौगोलिक दृष्टि से देखें तो किसी नदीयों का उद्गम किसी पहाड़ से या जंगल से एक छोटी संकरी नाली नुमा जलप्रवाह धीरे-धीरे एक नदी का बड़ा प्रवाह बन जाता है। ...

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गौ-संवर्धन: समय की मांग

0 May 18, 2017

गाय का स्थान हमारे समाज में ऊंचा है। वार्षिक पंचांग में गोपूजा के लिए विशेष पर्व और दिन निर्धारित कर दिए गए हैं। जैसे दीपावली से तीन दिन  पहले बछवारस ...

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संसार सारम भुजगेन्द्र हारम…

0 August 6, 2015

सावन का महीना आते ही चारों तरफ बम-बम भोले की गूंज सुनाई देने लगती है। जहां एक ओर बारिश की नन्ही-नन्ही बूंदे लोगों को सराबोर कर रही होती हैं, तो वहीं द...

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योग भूमि भारत

0 December 13, 2014

By संजय कुमार स्वामी आज भारत पुन: दुनिया का सिरमौर बनने की ओर अग्रसर है। उत्तर में हमने एवरेस्ट पर विजय पताका फहराए हैं। पवित्र कैलाश मानसरोवर की प्रत...

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पारंपरिक वस्त्र कला की राजसी शान

0 August 9, 2014

राजस्थान व गुजरात की सीमाएं जुड़ी हुई होने व जलवायु में भी समानता होने के कारण यहां के जनजीवन में बहुत समानता है। प्रतिवर्ष असंख्य विदेशी पर्यटक यहां ...

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गौ-कथामृत महोत्सव गुजरात सरकार का अनूठा संकल्प

0 January 25, 2014

भारत की भूमि ऋषि-मुनियों की धरा रही है। वसुधैव कुटुंबकम् के दर्शन पर भारतीय समाज न सिर्फ पूरी पृथ्वी को अपना परिवार समझता रहा है, बल्कि प्रकृति के साम...

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दांव पर पद्मश्री

0 August 31, 2013

गिरिराज किशोर कहते हैं कि कांग्रेस के लोग सन्ï 1947 से पहले तक गांधी के अनुगामी बने रहे, लेकिन आजादी की घोषणा होते ही उन्होंने रंग बदलना शुरू कर दिया।...