item-thumbnail

आधुनिक युग में भेदभाव बेकार

0 July 28, 2017

दलित साहित्य का मुख्य केंद्र बिंदु मनुष्य है। दलित साहित्य का मुख्य ल्क्ष्य मनुष्य का उत्थान करना है। भारत में जाति व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि जित...

item-thumbnail

जगूड़ी का जादू

0 July 13, 2017

लीलाधर जगूड़ी के जीवन और कविताओं पर आधारित ‘आता ही होगा कोई नया मोड़’ का संपादन प्रमोद कौंसवाल ने किया है। इसमें कई लेखकों ने उनकी कविताओं पर अपने विच...

item-thumbnail

जिंदगी के कई रंग

0 June 29, 2017

‘बस इतना’ कीर्तिकुमार सिंह के द्वारा लिखी गई है। यह किताब लघुकथाओं की संग्रह है, जिसे उन्होंने गुणात्मक और परिमाणात्मक, दोनों दृष्टियों से अत्यंत समृद...

item-thumbnail

जिंदगी एक रंगमंच

0 June 15, 2017

रवींद्र कुमार दास के ‘प्रजा में कोई असंतोष नहीं’ शीर्षक कविता संकलन में सरल भाषा, मुहावरा और खास लहजा पाठक को आकर्षित करता है। इनकी कविताएं भले ही आज ...

item-thumbnail

राष्ट्र-चिन्तक की यात्रा

0 May 18, 2017

‘संवाद पुरुष प्रो. देवेंद्र स्वरूप’प्रो. देवेंद्र स्वरूप के लेखों का संकलन है जिसका संपादन वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र तिवारी ने किया है। यह पुस्तक तीन ख...

item-thumbnail

हम अभी भी नादान

0 May 4, 2017

‘आल इज वेल’ पुस्तक मुकेश जोशी के द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने देश में होने वाली कई घटनाओं का अपने कटु भाषा में  आलोचना की ह...

item-thumbnail

दिल्ली एक सफर

0 April 21, 2017

‘दिल्ली’ नामक यह उपन्यास प्रसिद्ध लेखक खुशवन्त सिंह के द्वारा भारत की राजधानी दिल्ली की संस्कृति के उपर आधारित है। इस पुस्तक में लेखक ने अपने दिल्ली भ...

item-thumbnail

सामाजिक विकास में ही मनुष्य का विकास

0 April 5, 2017

‘चरैवेति! चरैवेति!!’ पुस्तक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गर्वनर राम नाईक के द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक को पाठक इ...

1 2 3 10