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मुनि श्री ऋषभचन्द्र विजयजी एक सक्षम एवं तेजस्वी आचार्य

0 May 18, 2017

भारत अपनी अध्यात्म प्रधान संस्कृति से विश्रुत था किन्तु आज इसने ‘जगद्गुरु’होने की पहचान खो दी है। खोयी हुई पहचान को पुन: प्राप्त करने एवं अध्यात्म के ...

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आचार्य श्रीमद् वसन्त सूरीश्वरजी कठोर तपस्वी संत

0 May 4, 2017

अध्यात्म के क्षेत्र में आत्मदर्शन का सर्वाधिक महत्व है। भारत के ख्यातनामा ऋषि-महर्षि-संतपुरुष आत्मसाक्षात्कार के लिए बड़ी-बड़ी तपस्याएं करते रहे हैं औ...

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आचार्य श्री विद्यासागरजी महान साहित्य स्रष्टा युगपुरुष

0 April 21, 2017

भारत की इस पवित्र माटी को अपने पवित्र ज्ञान, अनुभव एवं आध्यात्मिक शक्ति से अभिसिंचित करने वाले अनेक महापुरुष और संत कवि हुए हैं। उनकी साधना और कथनी-कर...

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सद्गुरु आनंदमूर्ति गुरु मां ; जहां आकार लेते हैं मानवता के अभ्युदय के नये उन्मेष

0 April 5, 2017

भारतवर्ष की दार्शनिक, धार्मिक तथा आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में महान दार्शनिकों, संतों एवं ऋषियों का मूल्यवान अवदान रहा है। उसमें विदुषी महिलाओं, साध्वियों...

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महायोगी पायलट बाबा; विमान उड़ाने से संन्यासी बनने तक का सफरनामा

0 March 22, 2017

भारत की भूमि संतों की भूमि रही है। संतों का व्यक्तित्व एवं उनकी आध्यात्मिक यात्रा लोगों के लिये सदा आकर्षण एवं प्रेरणा का केन्द्र रही है। देश और दुनिय...

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डॉ. प्रणव पांडया भारतीय संस्कृति की धरोहर

0 March 7, 2017

इस संसार में प्राय: लोग साधारण लक्ष्य और साधारण कार्य करते हुए अपने जीवन को पूरा कर देते हैं। लेकिन इसी भीड़ में कुछ लोग असाधारण ऊर्जा, असाधारण उल्लास...

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दलाई लामा अहिंसक क्रांति के महायोद्धा

0 February 19, 2017

यह एक विडम्बना ही है कि अंतरिक्ष से लेकर सागर तक की शक्तियों का दोहन करने वाला समर्थ मानव आज जितना बेचैन, असुरक्षित, भयाक्रांत है और अपने को अकेला महस...

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दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा सिंहनी होकर भी ममता और करुणा का महासागर

0 February 8, 2017

जीवन जीना सामान्य बात है। अध्यात्मपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट बात है। भारत की संस्कृति आध्यात्मिक महापुरुषों की समृद्ध धरोहर है, इनमे अध्या...

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आचार्य सुधांशुजी महाराज परमात्मा का रास्ता बताने वाले संत

0 January 26, 2017

विकास ऊध्र्वारोहण की प्रक्रिया है। बीज उगता है तब बरगद बन विश्राम लेता है। दीए की बाती जलती है तब सबको उजाले बांटती है। समन्दर का पानी भाप बन ऊंचा उठत...

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सद्गुरू जग्गी वासुदेव प्राचीन मूल्यों को नए परिधान देने वाले संत

0 January 11, 2017

प्रकाश की यात्रा करने वाला कोई भी मनुष्य अपनी मुट्ठी में सूरज का बिम्ब लेकर जन्म नहीं लेता। अमृत की आकांक्षा रखने वाला कोई भी आदमी अगम्य लोगों में घर ...

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